
Wednesday, February 11, 2009
Monday, February 2, 2009
NADAN लोग ADHURI JANKARI
मैंने २९ जनवरी के हिंदुस्तान पेपर में सौरभ बाजपाई द्वारा लिखा लेख गाँधी : राजनितिक दर्शन का मोहरा था गोडसे पढ़ा लेखक ने सात बड़े व् ऐतिहासिक मामलों पर अपनी नई और अनुभवहीन कलम चलायी है सभी मामले एकदम अनछुए से बस छेड़ कर छोड़ दिए गए हैं जो लेखक के भीतर की जल्दी बजी को दिखाते है ये हैं ---
१ साम्प्रदायिकता
२ बिभाजन
३ गाँधी जी की हत्या
४ नाथूराम गोडसे
५ बी डी सावरकर
६ R S S
७ गोलवलकर
अगर कोई भी लेखक इन में से किसी भी एक टोपिक को लिखने के पहले दस बार सोचेगा और बिना किसी तथ्य के नही लिखेगा लेकिन लेखक ने पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर जल्दीबाजी में अपनी नादानी को उजागर किया है इस्वर इन्हें सदबुध्धि दें।
१ साम्प्रदायिकता
२ बिभाजन
३ गाँधी जी की हत्या
४ नाथूराम गोडसे
५ बी डी सावरकर
६ R S S
७ गोलवलकर
अगर कोई भी लेखक इन में से किसी भी एक टोपिक को लिखने के पहले दस बार सोचेगा और बिना किसी तथ्य के नही लिखेगा लेकिन लेखक ने पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर जल्दीबाजी में अपनी नादानी को उजागर किया है इस्वर इन्हें सदबुध्धि दें।
Thursday, January 29, 2009
NAMASTE SADAVATSALE MATRIBHUME
नमस्कार आप को सूचित करते हुए हमें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है की गत वर्षों की भांति ही इस वर्ष भी बसंत पंचिमी अर्थात काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस के दिन १००० की संख्या में स्वयं सेवक B H U स्थापना स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे , आप का हार्दिक स्वागत है आपके विचारों एवं अनुभव का हम सदर स्वागत करते है......
धन्यवाद
धन्यवाद
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