Monday, January 18, 2010

पथसंचलन २० जनवरी 2010
















हर हर महादेव

आप सभी २०जनवरी को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस को मनाने और स्थापना स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए सदर आमंत्रित है , कृपया २० जनवरी को bhu health centre पर 1 pm उपस्थित होकर अपनी सादर उपस्थिति दर्ज करें एवं महामना तथा काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करें .
कार्यक्रम स्थल ... स्थास्पना स्थल BHU

Saturday, July 25, 2009

welcome freshers 2009

आप सभी नए छात्रों का हम स्वागत करते हैं महामना की तपस्थली में हम आप सभी को पुरी सहायता , व सहयोग प्रदान करने का प्रयास करेंगे , bhu पूर्णतः रैगिंग फ्री कैम्पस है और हम आप को इसका विश्वास दिलातें है की b h u में आप को किसी भी तरह की कोई भी असुविधा होने पर हम सदैव आप के सहयोग के लिए तत्पर है ।
संपर्क
विश्व संवाद केन्द्र
हेरिटेज हॉस्पिटल के पीछे
लंका वाराणसी ।
9453699756

Tuesday, March 24, 2009

भारतीय नववर्ष

२७ मार्च को ,
भारतीय नव वर्ष की हार्दिक शुभ कामनाएं
भारतीय नव वर्ष आप के परिवार तथा आप के जीवन में नया उत्साह व् खुशियाँ लेकर आए आप यश व वैभव प्राप्त करें.

धन्यवाद

Tuesday, February 24, 2009

mahashivratri



हर हर महादेव
२३ फरवरी महाशिवरात्रि, काशी

आप को अत्यन्त हर्ष के साथ सूचित करना चाहता हूँ कि कल शिवरात्रि के दिन प्रशासन ने शिव भक्तों को काशी विश्वनाथ मन्दिर में ज्ञानवापी मन्दिर (अब मस्जिद)के पीछे से प्रवेश दिया जहाँ से ढांचे के पीछे मन्दिर का स्वरुप और बनावट पुरी तरह से दिख रहा था (परदा लगा था फ़िर भी ).
भक्तों के बीच गरमा गरम बहस हुई व् भक्तों ने नारा लगाया की "बोलबम का नारा है बगल वाला(ज्ञानवापी) भी हमारा है " और इसे प्रशासन का भी मूक समर्थन रहा.
हर हर महादेव

Wednesday, February 11, 2009

पथ संचलन

















३१ जनवरी २००९ शाम ५ बजे
महामना के सपनों को साकार करने के लिए समर्थ भारत और समर्थ हिंदू के निर्माण के लिए हजारों ने कदम से कदम मिला कर महामना को श्रद्धा सुमन अर्पित किया और कशी हिंदू विश्वविद्यालय के स्थापना स्थल पर जाकर माँ सरस्वती को नमन किया

rss




Monday, February 2, 2009

NADAN लोग ADHURI JANKARI

मैंने २९ जनवरी के हिंदुस्तान पेपर में सौरभ बाजपाई द्वारा लिखा लेख गाँधी : राजनितिक दर्शन का मोहरा था गोडसे पढ़ा लेखक ने सात बड़े व् ऐतिहासिक मामलों पर अपनी नई और अनुभवहीन कलम चलायी है सभी मामले एकदम अनछुए से बस छेड़ कर छोड़ दिए गए हैं जो लेखक के भीतर की जल्दी बजी को दिखाते है ये हैं ---
१ साम्प्रदायिकता
२ बिभाजन
३ गाँधी जी की हत्या
४ नाथूराम गोडसे
५ बी डी सावरकर
६ R S S
७ गोलवलकर
अगर कोई भी लेखक इन में से किसी भी एक टोपिक को लिखने के पहले दस बार सोचेगा और बिना किसी तथ्य के नही लिखेगा लेकिन लेखक ने पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर जल्दीबाजी में अपनी नादानी को उजागर किया है इस्वर इन्हें सदबुध्धि दें।

Thursday, January 29, 2009

NAMASTE SADAVATSALE MATRIBHUME

नमस्कार आप को सूचित करते हुए हमें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है की गत वर्षों की भांति ही इस वर्ष भी बसंत पंचिमी अर्थात काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस के दिन १००० की संख्या में स्वयं सेवक B H U स्थापना स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे , आप का हार्दिक स्वागत है आपके विचारों एवं अनुभव का हम सदर स्वागत करते है......

धन्यवाद